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वतन के लिए सर झुकता है।
वतन के लिए सर कटता है।
है उन विरो की कहाणी है।
जिनका लहु भारत माता के लिए बहता है।
                         :- Pranav Vispute PV

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दिल ने पुकारा तुझे प्यार से | पर तुने उसे अनसुना किया | मै आया था तुझसे बात करने | पर तुने अपना नाम नही बताया | अब क्या कहू मै ईस दिल से तुही बता | क्यू की मेरा दिल मेरे पास न रहा |                         :-PRANAV VISPUTE PV 
तुझे ढूँढते ढूँढते दिल मैरा कही खो गया | क्या कहू ईस से मै | तूझे पाने के लिए दिल मेरा रोने लगा |                          :-PRANAV VISPUTE PV 
दोस्ती ने जोडाभी है | दोस्ती ने टूटनेसे बचाया भी है | सच्चा यार वही है | जिसने जिना सीकाया भी है |                          :-PRANAV VISPUTE PV