December 16, 2018 गुरु जिसे कहे दुनिया | हो ग्यान का समंदर है | जिसमे बहते जाना हमे है | क्यू की मंजिल हमारी समंदर मे है | :-Pranav Vispute PV Read more
December 16, 2018 जैसे कोयले से हिरा निकलता है | जैसे मिट्टी से मटका बनता है | जैसे सिप से मोती निकलता है | वैसे गुरु से समाज बनता है | :- Pranav Vispute PV Read more